टूटे दिल का वो तराना, जिसमें था जुदाई-खोए प्यार का दर्द, मूवी निकली ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर, बनाए नए रिकॉर्ड

Bollywood Superhit Sad Song : कहा जाता है कि दिल टूटने के दर्द केवल वही समझ सकता है जिसका दिल टूटा हो. जुदाई का गम हर कोई बर्दाश्त नहीं कर पाता. दिल टूटने के दर्द पर कई संगीतकारों ने ऐसे धुनें बनाई हैं जो अमर हो गई. 1998 में तन्हाई और दर्द भरे अहसास को व्यक्त करती है ऐसी ही एक फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का निर्देशन करण जौहर ने किया था. इस फिल्म का एक गाना 'तुझे याद ना मेरी आई, किसी से अब क्या कहना' दिल को झकझोर देने वाला था. इस गाने को अलका याज्ञनिक-उदित नारायन और मनप्रीत कौर ने गाया था. यह गाना काजोल-शाहरुख खान और रानी मुखर्जी पर फिल्माया जाता है. इस गाने का म्यूजिक जतिन-ललित ने तैयार किया था. संगीतकार ललित पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि ओरिजनल सॉन्ग पंजाबी में था. उनकी एक्ट्रेस बहन सुलक्षणा पंडित इस गाने को गाया करती थीं. गाने के बोल थे : 'तैनू याद ना साडी आई, तैनू खत की लिखना. दिल रोया कि अंख भर आई, कि खत तैनू की लिखना...'. गीतकार आनंद बख्शी भी इस गाने को सुनकर रो पड़े थे. गीतकार समीर ने इसी तर्ज पर 'तुझे याद ना मेरी आई, किसी से अब क्या कहना...' गाना लिखा था. 'कुछ कुछ होता है' फिल्म में राहुल-अंजलि, उनकी दोस्ती-प्यार और दर्द की कहानी थी. 10 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 106 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

from मनोरंजन News in Hindi, मनोरंजन Latest News, मनोरंजन News https://ift.tt/Q79ZOVp

Comments